Skip to main content

#BAHU_FORT ( JAMMU ) #बाहु_किला ( जम्मू )

#BahuNotShahabad
#Please_Read

#BAHU_FORT ( JAMMU )
#बाहु_किला ( जम्मू )

कहा जाता है कि यह किला जम्मू के सूर्यवंशी राजा बाहु लोचन द्वारा बनाया गया था और बाद में डोगरा शासक डोगरा गुलाब सिंह जी द्वारा इसका पुन: निर्माण किया गया।
इस किला के साथ एक किंवदंती जुडी हुई है , कहते है के राजा जम्बू लोचन एक शिकार के लिए निकले , शिकार करते हुए उन्होंने एक विचित्र नज़ारा देखा , तवी नदी के किनारे बाघ और हिरन इक्कठे पानी पी रहे थे ! यह देख राजा को इस स्थान पर अपने राज्य की राजधानी और किला बनाने की दिव्य दिशा की अनुभूति हुई , इस नज़ारे को देख राजा को प्रतिनिधित्व शांतिपूर्ण सहअस्तित्व का अहसास हुए ! राजा के भाई बाहु लोचन को इस किला को बनाने का श्रेय फिया जाता है , इस कारन यह किला उनके नाम से जाना जाता है !

जम्मू शहर का नाम भी राजा जम्भू लोचन के नाम से ही पड़ा है ! जामवाल राजपूत इन्ही के वंशज है !

राजा बाहुलोचन ने बनवाया था :-

बाहु का किला जम्मू की सबसे पुरानी इमारत है. यह शहर के मध्य भाग से पांच किलोमीटर दूर तवी नदी के बांये किनारे स्थित है. कहते है कि यह किला तीन हजार वर्ष पूर्व राजा बाहूलोचन ने बनवाया था. लेकिन बाद में डोंगरा शासकों ने इसका नवनिर्माण तथा विस्तार किया. खूबसूरत झरनों, हरे-भरे बाग तथा फूलों से भरे हुए इस किले की शोभा देखते ही बनती है. ऐसा लगता है जैसे कि इससे खूबसूरत जगह पहले कहीं ना देखी हो. बहू के किले को महाकाली के मंदिर के नाम से जाना जाता है. यह मंदिर किले के अंदर ही है तथा भावे वाली माता के नाम से प्रसिद्ध है. सन 1822 में महाराजा गुलाबसिंह के राजा बनने के तुरंत बाद बनाया गया था. इस मंदिर की महत्ता वैष्णो देवी मंदिर के बाद दूसरे नंबर पर है.बल्कि यह काली माता का मंदिर भारत के प्रसिद्ध काली मंदिरों में से एक है !

किले के अंदर दूर तक फ़ैला हुआ खूबसूरत बाग है इसे ही लोग बाग-ए-बाहु नाम से जानते है.इस बाग कि संरचना और प्राकृतिक सुंदरता इतनी अनोखी है कि मन मयूर नृत्य करने लगता है. तरह-तरह के फव्वारे, सीढ़ीनुमा संरचना इसकी खूबसूरती में चार चाँद लगा देती है. प्राकृतिक सुंदरता से ओत-प्रोत यहां का माहौल आपको मुग्ध कर देता है और यहां से जाने का मन ही नही करता. यहां का जादुई वातावरण हजारों लोगों को आकर्षित करता है. इसलिये यह एक पिकनिक स्पाट भी बन गया है.आप चाहें पिकनिक के लिये आयें या फिर एक बार देखने के लिये, इस बाग की खूबसूरती से आकर्षित हुए बिना नहीं रह सकेंगे.

आज पुरे डोगरा समाज में बोहत अफ़सोस का माहौल है , बड़े दुःख से बताना पड़ता है के 3000 वर्ष बाद आज BJP और PDP की सर्कार ने इस जगह का नाम बदल कर शाहाबाद कर दिया है !
ये कैसा हिंदुत्व है जो 3000 वर्ष पुराने हिन्दू इतिहास को बदल कर इस जगह का इस्लामीकरण कर दिया , काश योगी जी जैसा BJP नेता कोई जम्मू में भी होता 😔😔

#ҡรɦαƭ૨เყα_૨αʝρµƭ

Comments