तेजस्वी_क्षत्रिय_का_निर्माण.........
भगवान ने सृष्टि बनाने से पहले वेदों का निर्माण किया है उसी वेदों में कहा है #क्षतात_त्रायते_इति_क्षत्रिय"
इस पर से आया हुआ शब्द अटल क्षत्रिय
मनु ने क्षत्रिय की पत्नी को क्षत्राणी नाम दिया
हमारे शास्त्रों में कहते हैं जहां पर स्त्री का सम्मान है वहां पर देवों का वास है
#क्षत्राणी_कैसी_होनी_चाहिए ?
सभी क्षत्राणी खूबसूरत ही है।
शास्त्रों ने खूबसूरती के 4 भाग बताए हैं जो बाहर की सुंदरता है वह 4th भाग है , और 3rd भाग में मन, हृदय , बुद्धि यह सब आते हैं । एक क्षत्राणी जो कर सकती है वो एक क्षत्रिय नहीं कर सकता। क्षत्राणी युद्ध भी कर सकती है और सबसे महत्वपूर्ण और गौरवमय बात की तेजस्वि क्षत्रिय को जन्म देने वाली क्षत्राणी ही है ।
#एक_तेजस्वी_क्षत्रिय_का_निर्माण_कैसे_हो?
एक तेजस्वी क्षत्रिय निर्माण करना है तो क्षत्रिय क्षत्राणी दोनों का पवित्र होना आवश्यक होता है ।
मन पवित्र होना , बुद्धि की शुद्धता रखना और हृदय पवित्र होना ..लेकिन पवित्रता सिर्फ ज्ञान से आती है । इसलिए कम से कम रोजाना एक मिनट श्रीमद्भागवत गीता जरूर पढें ।
हमारे शास्त्रों ने साफ कह दिया है कि 100 सुवर को पैदा मत करो एक सिंह को पैदा करना ।
भगवान ने गीता में कहा है गर्भवती महिलाओं में गर्भधारण करता हूं।
क्षत्राणी के गर्भ में भगवान आते हैं , हमारे शास्त्र कहते हैं गर्भवती के 5 महीनों से 9 महीनों तक बच्चे को जैसा बनाना चाहे वैसा बना सकते हो , उस वक्त बच्चे की ग्रहण करने की शक्ति बहुत powerfull होती है ।
अभिमन्यु ने गर्भ में ही चक्रव्यूह की विद्या प्राप्त की थी ।
अष्टावक्र ऋषि गर्भ में ही वेदों का उच्चारण करते थे
प्रह्लाद के पिता राक्षस थे लेकिन उनकी मां गर्भवती के समय मे थी तब वह ऋषि के आश्रम रही थी और वही से प्रह्लाद भक्त हो गया ।
एक गर्भवती क्षत्राणी जो सुनेंगी वह बच्चा सुनेगा , जो Read करेंगी वह बच्चा Read करेगा , जो देखेंगे वह बच्चा देखेगा । तेजस्वी क्षत्रिय का निर्माण तेजस्वी विचारों से होता है और उसके लिए गीता का अध्ययन सर्वश्रेष्ठ है ।
पूरी व्यवस्था शास्त्रों ने दी है
एक क्षत्राणी ही तेजस्वी क्षत्रिय को जन्म दे सकती है । क्षत्राणी में ही वो सामर्थ , वो क्षमता है जिससे क्षत्रिय का निर्माण होगा ।
जीजाबाई ने शिवाजी को तेजस्वी क्षत्रिय बनाया था ।
#साभार_क्षत्राणी_बाईसा_Riya_Rajput
भगवान ने सृष्टि बनाने से पहले वेदों का निर्माण किया है उसी वेदों में कहा है #क्षतात_त्रायते_इति_क्षत्रिय"
इस पर से आया हुआ शब्द अटल क्षत्रिय
मनु ने क्षत्रिय की पत्नी को क्षत्राणी नाम दिया
हमारे शास्त्रों में कहते हैं जहां पर स्त्री का सम्मान है वहां पर देवों का वास है
#क्षत्राणी_कैसी_होनी_चाहिए ?
सभी क्षत्राणी खूबसूरत ही है।
शास्त्रों ने खूबसूरती के 4 भाग बताए हैं जो बाहर की सुंदरता है वह 4th भाग है , और 3rd भाग में मन, हृदय , बुद्धि यह सब आते हैं । एक क्षत्राणी जो कर सकती है वो एक क्षत्रिय नहीं कर सकता। क्षत्राणी युद्ध भी कर सकती है और सबसे महत्वपूर्ण और गौरवमय बात की तेजस्वि क्षत्रिय को जन्म देने वाली क्षत्राणी ही है ।
#एक_तेजस्वी_क्षत्रिय_का_निर्माण_कैसे_हो?
एक तेजस्वी क्षत्रिय निर्माण करना है तो क्षत्रिय क्षत्राणी दोनों का पवित्र होना आवश्यक होता है ।
मन पवित्र होना , बुद्धि की शुद्धता रखना और हृदय पवित्र होना ..लेकिन पवित्रता सिर्फ ज्ञान से आती है । इसलिए कम से कम रोजाना एक मिनट श्रीमद्भागवत गीता जरूर पढें ।
हमारे शास्त्रों ने साफ कह दिया है कि 100 सुवर को पैदा मत करो एक सिंह को पैदा करना ।
भगवान ने गीता में कहा है गर्भवती महिलाओं में गर्भधारण करता हूं।
क्षत्राणी के गर्भ में भगवान आते हैं , हमारे शास्त्र कहते हैं गर्भवती के 5 महीनों से 9 महीनों तक बच्चे को जैसा बनाना चाहे वैसा बना सकते हो , उस वक्त बच्चे की ग्रहण करने की शक्ति बहुत powerfull होती है ।
अभिमन्यु ने गर्भ में ही चक्रव्यूह की विद्या प्राप्त की थी ।
अष्टावक्र ऋषि गर्भ में ही वेदों का उच्चारण करते थे
प्रह्लाद के पिता राक्षस थे लेकिन उनकी मां गर्भवती के समय मे थी तब वह ऋषि के आश्रम रही थी और वही से प्रह्लाद भक्त हो गया ।
एक गर्भवती क्षत्राणी जो सुनेंगी वह बच्चा सुनेगा , जो Read करेंगी वह बच्चा Read करेगा , जो देखेंगे वह बच्चा देखेगा । तेजस्वी क्षत्रिय का निर्माण तेजस्वी विचारों से होता है और उसके लिए गीता का अध्ययन सर्वश्रेष्ठ है ।
पूरी व्यवस्था शास्त्रों ने दी है
एक क्षत्राणी ही तेजस्वी क्षत्रिय को जन्म दे सकती है । क्षत्राणी में ही वो सामर्थ , वो क्षमता है जिससे क्षत्रिय का निर्माण होगा ।
जीजाबाई ने शिवाजी को तेजस्वी क्षत्रिय बनाया था ।
#साभार_क्षत्राणी_बाईसा_Riya_Rajput

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