जिन्होंने मुगल आक्रांता बाबर को चार बार हराकर भारत में घुसने से रोका और पीछे खदेड़ दिया ऐसे वीर राणा सांगा
जिन्होंने मुगल आक्रांता बाबर को चार बार हराकर भारत में घुसने से रोका और पीछे खदेड़ दिया ऐसे वीर राणा सांगा (राणा संग्राम सिंह) (राज 1508-1528) मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश के राजा थे।
राणा सांगा का पूरा नाम महाराणा संग्रामसिंह था। राणा सांगा ने मेवाड़(उदयपुर) मे १५०८ से १५२८ तक शासन किया, जो आज भारत के राजस्थान प्रदेश मे स्थित है। राणा सांगा सिसोदिया राजवंशी थे। राणा सांगा ने विदेशी आक्रमणकारियों के विरुद्ध सभी राजपूतों को एकजुट किया। राणा सांगा सही मायनों मे एक बहादुर योद्धा व शासक थे जो अपनी वीरता और उदारता के लिये प्रसिद्ध हुये। एक विश्वासघाती के कारण वह बाबर से युद्ध हारे लेकिन उन्होंने अपने शौर्य से दूसरों को प्रेरित किया।
राणा रायमल के बाद सन १५०८ में राणा सांगा मेवाड़ के उत्तराधिकारी बने। इन्होंने दिल्ली व मालवा के मुश्लिम बादशाहोंके आक्रमणों से अपने राज्य की बहादुरी से ऱक्षा की। उस समय के वह सबसे शक्तिशाली हिन्दू राजा थे।
इनके शासनकाल मे मेवाड़ अपनी समृद्धि की सर्वोच्च ऊँचाई पर था। एक आदर्श राजा की तरह इन्होंने अपने राज्य की रक्षा तथा उन्नति की।
राणा सांगा अदम्य साहसी (indomitable spirit) थे। एक भुजा, एक आँख खोने व अनगिनत ज़ख्मों के बावजूद उन्होंने अपना महान पराक्रम नहीं खोया, सुलतान मोहम्मद शासक माण्डु को युद्ध मे हराने व बन्दी बनाने के बाद उन्हें उनका राज्य पुनः उदारता के साथ सौंप दिया, यह उनकी बहादुरी को दर्शाता है।राणा सांगा के जिस्ममें 80 से अधिक घाव थे।

Comments
Post a Comment