भारत के विकास में राजपूत -
#राजस्थान #बीकानेर
बीकानेर राजस्थान के सुंदर नगरों में से एक है, पहले कभी यह जंगल हुआ करता था, आज वहां सोने जैसे े महल बने है ।
बीकानेर के लोग् अलमस्त कहे जाते है, अलमस्त का अर्थ है, बेफिक्री के साथ जीवन जीना । इसका कारण यह भी है कि बीकानेर के सँस्थापक राव बीकाजी अलमस्त स्वभाव के थे अलमस्त नहीँ होते तो वे जोधपुर राज्य की गद्दी को यो हीँ बात बात में छोड़ देते।
बीकानेर की स्थापना के पीछे दूसरी कहानी ये हैं कि एक दिन राव जोधा दरबार में बैठे थे बीकाजी दरबार में देर से आये तथा प्रणाम कर
अपने चाचा कांधल से कान में धीर धीरे बात करने लगे यह देख कर जोधा ने व्यँगय में कहा
“ मालूम होता है कि चाचा-भतीजा किसी नवीन राज्य को विजित करने की योजना बना रहे हैं’।
इस पर बीका और कांधल ने कहाँ कि यदि आप की कृप्या हो तो यही होगा। और इसी के साथ चाचा – भतीजा दोनों दरबार से उठ के
चले आये तथा दोनों ने बीकानेर राज्य की स्थापना की। इस संबंध में एक लोक दोहा भी प्रचलित है
‘' पन्द्रह सौ पैंतालवे, सुद बैसाख सुमेर
थावर बीज थरपियो, बीका बीकानेर ‘'
बीकानेर को पहले जांगलू नाम से जाना जाता था। राजपूताने की 21 रियासतों में बीकानेर भी प्रमुख रियासत थी ।
#ҡรɦαƭ૨เყα_૨αʝρµƭ




Comments
Post a Comment