Skip to main content

महाराजा_गँगा_सिंह_जी


🚩महाराजा_गँगा_सिंह_जी🚩
✍️आज श्रीगगांनगर जिले मे जो लोग जीवन जी रहे है बेशक चाहे किसी भी धर्म, मजहब या पंथ के हो वह इन्ही महाराजा_गगां_सिंह_जी कि देन है कितनी सरकारे आएंगी और जाएगीं श्रीगंगानगर (राजस्थान का पंजाब) क्षेत्र के लिए जो काम महाराजा गगांसिह जी कर चूके है उनके नाखून के बराबर काम भी ये सरकारे हमारे लिए नही कर सकती जिस जीवनदायिनी गगंनहर पर वहाँ के सभी लोगो का सारा जीवन निर्भर करता है इन्होंने पंजाब से ऐसे समय मे खरीद कर वहाँ के लोगों के लिए छोड़ दी थी जब कहा जाता था बीकानेर रियासत बंजर है इस बंजर कही जाने वाली रियासत के महाराजा परमपूज्य गगांसिह जी ने 5 नदीयों वाले प्रदेश (पंजाब) से मांग कर पानी नही लिया बल्कि वहाँ के सम्मान के लिए अपनी रजपूती ठाठ से पंजाब को मुँह मांगी कीमत हीरे- जवाहरात, सोना-चांदी, माणिक-पन्ने से पंजाब को लाद-लाद कर भेजे तथा वहाँ के लोगो के लिए जीवनदायिनी गगंनहर उस बंजर धरती पर ला दी ऐसे देवता के उपकार को पूरे भारत की सरकार क्या, वहाँ का सारा इलाका 10 बार जन्म लेकर भी नही उतार सकते है।
✍️परंतु दुर्भाग्य से अब जब महाराज नहीं रहे, क्षत्रियराज नही रहा, तथाकथित लोकतंत्र से चुने गये हरामखोर राजनेता महामहिम महाराजा से कीमत लेकर जीवन भर के लिए बेचे हूए पानी पर आये दिन डाका मारते है।खैर औकात कहाँ ले जाएंगे।
🚩Royal जन्म से होते है न कि लोकतंत्र से चुनने के बाद हो जाएंगे।।
✍️ अरे प्रकृति ने 5 नदियों का तोहफा दिया है तूम्हे,महाराज ने तो कीमत चूका कर आजीवन कयामत तलक वो पानी गंगा समान गंगनहर अपनी रियासत के लोगों के लिए कर दी बेशक राजपूत राज रहे न रहे।
✍️बहुत से अहसान फरामोश नामुराद आज भी राजपूतो की दी हुई जिंदगी, उनका दिया हुआ पानी पी पीकर राजपूत और रजवाडो को कोसते है।उसी नदी का पानी प्रयोग कर अपने सूखे हुए धानो को पकाते हो।
✍️जिस बँजर रियासत बीकानेर के महाराजा ने उस समय पानी चोरी रोकने के लिए नहर को छत लगातार पंजाब से राजस्थान तक पहुंचा दिया था उसी नहर को पिछले 15 वर्ष से राजस्थान की सरकारे सिर्फ कूछ करोड़ रूपये न देकर बहाना बनाकर रिपेयर नही करा पा रही इस लायक नही बना पा रही कि महाराजा गगांसिह जी का खरीदा हुआ वहाँ की जनता के हक का पूरा पानी उस नहर मे चल सके।और हद देखो स्वार्थपने की कि कोई भी किसान जो आवाज उठाता है इस बारे मे तो भी सिर्फ अपने खेत तक पानी पहुचााने के लिए, राजपूत वाला दिल कभी नहीं ला सकते हुकुम,
✍️अरे कुछ तो शर्म करो महाराजा गगांसिह जी ने जो उपकार किये वो सभी कि भलाई के लिए किये अगर हम लोगो कि तरह वो सोचते तो वो राजा थे अपना जीवन विदेशो मे भी गुजार सकते थे हमारे लिए ही सुख त्याग कर नहरो के लिए व पानी के लिए जीवन लगा दिया उन्होंने और हम सब लोग उनके दिए हक को भी नही बचा सकते।
✍️ चाहे कोई सी भी पार्टी हो लेकिन श्रीगगांनगर के हर किसान का एक ही भगवान है महाराजा गगांसिह जी इसलिए किसानो के हित व पानी के लिए सदैव एकता दिखाइए राजनीति से पेट नही भरता।
✍️कभी भी गगंनहर का कोई मुद्दा आए तो नेताओ कि बजाए किसान एक होकर आवाज उठाए व एक किसान कि पुकार पर सभी उठ जाये यही निवेदन है।
✍️अपने सारे अध्ययन का निचोड या सौ बात की एक बात कहूँ तो
"हिन्दूओ या सवर्णों तुमने जितनी शान से या मजे से जीना था वो राजतंत्र मे क्षत्रिय राज मे जी लिए,
1947 से अब तक तो गुलामी ही कर रहे हो मुफ्त मे,
कभी किसी के लिए नारे, कभी किसी का धूप मे इंतजार"
🚩जय_जय_राजपुताना🚩
🚩क्षत्रिय_धर्म_युगे_युगे🚩

Comments

Popular posts from this blog

सुर्यवंशी गहरवार वंश

#__सुर्यवंशी___गहरवार___वंश 👈🙏🚩 #_गहरवार_क्षत्रीय_वंश सुदूर अतीत में #__सूर्यवंशी राजा मनु से संबन्धित हैं। #_अक्ष्वाकु के बाद #__रामचन्द्र के पुत्र "#_लव' से उनके वंशजो की परंपरा आगे बढ़ाई गई है और इसी में काशी के गहरवार शाखा के कर्त्तृराज को जोड़ा गया है।          लव से कर्त्तृराज तक के उत्तराधिकारियों में गगनसेन, कनकसेन, प्रद्युम्न आदि के नाम महत्वपूर्ण हैं। कर्त्तृराज का गहरवार होना घटना के आधार पर हैं जिसमें काशी मे ऊपर ग्रहों की बुरी दशा के निवारणार्थ उसके प्रयत्नों में "#__ग्रहनिवार' संज्ञा से वह पुकारा जाने लगा था।    कालांतर "ग्रहनिवार' का अपभृंश गहरवार बन गया। बनारस के राजाओं की अनेक समय तक  #__सूर्यवंशी सूर्य-कुलावंतस काशीश्वर पुकारा जाता रहा है। इनकी परंपरा इस प्रकार है - कर्त्तृराज, महिराज, मूर्धराज, उदयराज, गरुड़सेन, समरसेन, आनंदसेन, करनसेन, कुमारसेन, मोहनसेन, राजसेन, काशीराज, श्यामदेव, प्रह्मलाददेव, हम्मीरदेव, आसकरन, अभयकरन, जैतकरन, सोहनपाल और करनपाल। करनपाल के तीन पुत्र थे - वीर, हेमकरण और अरिब्रह्म। करनपाल ने हेम...

क्षत्राणी

# क्षत्राणी मैंने उसको जब-जब देखा, लोहा देखा। लोहे जैसा तपते देखा, गलते देखा, ढलते देखा मैंने उसको गोली जैसा चलते देखा। # यह_ही_है_क्षत्राणी यथार्थ में देखा जाए तो क्षत्राणीयों का इतिहास व उनके क्रियाकलाप उतने प्रकाश में नहीं आए जितने क्षत्रियों के। क्षत्राणीयों के इतिहास पर विहंगम दृष्टि डालने पर यह स्पष्ट हो जाता है कि क्षत्रिय का महान त्याग व तपस्या का इतिहास वास्तव में क्षत्राणीयों की देन है। राजा हिमवान की पुत्री  # गंगा  ने अपनी तपस्या के बल पर भगवान् श्रीनारायण के चरणों में स्थान पाया और भागीरथ की तपस्या से वे इस सृष्टि का कल्याण करने के लिए पृथ्वी पर अवतरित हुई। उन्हीं की छोटी बहन  # पार्वती  ने अपनी तपस्या के बल पर भगवान् सदाशिव को पति के रूप में प्राप्त किया व दुष्टों का दलन करने वाले स्वामी कार्तिकेय और देवताओं में अग्रपूजा के अधिकारी गणेश जैसे पुत्रों की माता बनी। महाराजा गाधि की पुत्री व विश्वामित्र जी की बड़ी बहन  # सरस्वती  अपनी तपस्या के बल पर ही जलरूप में प्रवाहित होकर पवित्र सरस्वती नदी का रूप धारण कर सकीं। इसी प्रकार  # नर्मदा...

जय देव

# MUST_READ_AND_SHARE जय देव !  # धर्मवीर_बाबा_हासिल_देव_जी_की_जय_हो  !  # आज_बाबा_हासिल_देव_जी_की_जयंती_है  , बाबाजी को कोटि कोटि नमन ! जिस तरह जय सिंह खिंची चौहान जी , सिक्ख गुरु जी , बाबा बन्दा बहादुर जी और सम्भाजी महाराज के साथ बर्बरता करके शहीद किया गया था उसी तरह इस वीर राजपूत को शहीद किया गया था ! ये वो  # राजपूत_वीर  थे जिन्होंने शहादत देदी लेकिन सर नहीं झुकाया ! दिल्ली के बादशाह ने उन्हें तसीहें देकर शहीद कर दिया लेकिन बाबाजी बादशाह के आगे झुके नहीं ! राजा हमीर देव जम्वाल का बिक्रमी 1456 से लेकर 1483 तक जम्मू पर राज था ! उनके दो बेटे थे - अजैब देव और हासिल देव ! राजा हमीर के देहांत के बाद उनका बड़ा बेटा अजैब देव राजा बना और कुछ समय बाद राजा अजैब देव के छोटे भाई बाबा हासिल देव जी को जम्मू की रियासत का वज़ीर बना दिया गया ! राजा अजैब देव जी की बिक्रम सम्वत 1514 में मृत्यु हो गई ! राजा का बेटा कुंवर बीरम देव उस समय बोहत छोटे थे ! वज़ीर हासिल देव जी ने अपने भतीजे को पाला और साम्राज्य को चलाने में पूर्ण मदद की , और साफ सुथरे ढंग से राज्ये चलाना सिखाय...