क्षत्रियों की छतर छाया में क्षत्राणियों का भी नाम है
और हम क्षत्रियों की ही छाया में पुरा हिंदुस्तान है
और हम क्षत्रियों की ही छाया में पुरा हिंदुस्तान है
क्षत्रिय ही सत्यवादी हे, और क्षत्रिय ही राम है
दुनिया के लिए क्षत्रिय ही, हिंदुस्तान में घनश्याम है
दुनिया के लिए क्षत्रिय ही, हिंदुस्तान में घनश्याम है
रजशिव ने राजपूतों पर किया अहसान है
मांस पक्षी के लिए दिया, क्षत्रियों ने भी दान है
मांस पक्षी के लिए दिया, क्षत्रियों ने भी दान है
राणा ने जान देदी परहित, हर राजपूतों की शान है
प्रथ्वी की जान लेली धोखे से,यह क्षत्रियों का अपमान है
प्रथ्वी की जान लेली धोखे से,यह क्षत्रियों का अपमान है
हिन्दुओं की लाज रखाने, हमने देदी अपनी जान है
धन्य-धन्य सबने कही पर, आज कहीं न हमारा नाम है
धन्य-धन्य सबने कही पर, आज कहीं न हमारा नाम है
भडुओं की फिल्मों में देखो,राजपूतों का नाम कितना बदनाम है
माँ है उनकी वैश्या और वो करते हीरो का काम है
माँ है उनकी वैश्या और वो करते हीरो का काम है
हिंदुस्तान की फिल्मों में, क्यो राजपूत ही बदनाम है
ब्रह्मण वैश्य शुद्र तीनो ने, किया कही उपकार का काम है
ब्रह्मण वैश्य शुद्र तीनो ने, किया कही उपकार का काम है
यदि किया कभी कुछ है तो,उसमे राजपूतों का पुरा योगदान है

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