भारत_के_विकाश_में_राजपूतो_का_योगदान
#राजस्थान #जयपुर
जयपुर शहर भारत के सबसे सुंदर शहरों में से एक है । जयपुर की सुंदरता की तुलना पैरिस से, आकर्षण की तुलना बुडापेस्ट से, ओर इस शहर के भव्यता की तुलना रूस की राजधानी मास्को से की जाती है।
क्या आप जानते है, पूरा का पूरा जयपुर एक राजपूत राजा का बसाया हुआ है । और केवल जयपुर ही क्यो ? भारत मे ऐसा है क्या ? जो राजपूत देन नही है ??
जयपुर के राजा महाराजा सवाई जयसिंह कच्छवाहा ( कुशवाहा ) गणित और विज्ञान में बहुत रुचि रखते थे । वे स्वयं इंजीनियरिंग के काम मे बड़ी रुचि लेते ।
1727 ईस्वी में जयपुर के राजा मानसिंह के विचार अनुसार भारत की पहली स्मार्ट सिटी बनाने का कार्य शुरू किया । जयपुर बसाने के लिए बंगाल के महान विद्धवान विद्याधर चक्रवर्ती की सलाह परामर्श के बाद जयपुर शहर का कार्य शुरू हुआ ।
विद्याधर ने प्राचीन खगोल विज्ञान की पुस्तको को पढकर राजा के साथ इस शहर की योजना पर चर्चा की । एक रणनीतिक योजना के साथ 1727 में जयपुर शहर का निर्माण कार्य शुरू हो गया | अगले चार वर्षो में मुख्य महल , सडके और चौराहों का निर्माण किया गया |
जयपुर शहर को वास्तुकला के सिद्धांतो को ध्यान रखते हुए बनाया गया | ये शहर नौ खंडो में विभाजित हो गया जिसमे से दो खंडो का उपयोग नगरीय इमारते और महल बनाने के लिए किया गया और बाकि सात खंडो का उपयोग आम जनता के लिए रखा गया | Jaipur नगर की सुरक्षा को देखते हुए इन सात दरवाजो पर बड़ी दुर्ग दीवारों का निर्माण किया गया |
" जिस समय जयपुर का निर्माण हुआ था, उस समय जयपुर केवल भारत का ही नही, बल्कि एशिया का सबसे विकसित शहर था।
1878 में प्रिंस ऑफ़ वेल्स का जयपुर आगमन हुआ और उनके स्वागत में उस समय पुरे Jaipur शहर को गुलाबी रंग से रंगा गया , तब से जयपुर को गुलाबी शहर कहा जाता है |
जयपुर में वैधशाला का निर्माण भी हुआ था ।
इस जंतर मंतर वेधशाळा में समय देखने के लिए 14 बड़े ज्यामितीय उपकरण थे जिसमे से स्वय जयसिंह सवाई जयसिंह ने तीन यंत्रो का अविष्कार किया जिनके नाम सम्राट , जयप्रकाश और रामयंत्र है | सम्राट यंत्र दुनिया का सबसे बड़ी धूपघड़ी है |
जयपुर अगर आप घूमने आते है, तो जयगढ़ का किला देखना ना भूले, जयगढ़ का किला भारत के गौरव की गाथा समेटे हुए है। जयगढ़ फोर्ट कभी भी नही जीता जा सकता, ओर यह जयपुर के तीन किलो में सबसे मजबूत किला था । विश्व की सबसे बड़ी तोप जयगढ़ किले में ही है ।
जयपुर में अगर आप है, तो नाहरगढ़ का किला देखना भी ना भूले । यह किला पहाड़ियो पर बना हुआ है। पहले इस किले का नाम सुदर्शनगढ़ था, लेकिन बाघों के ज़्यादा होने कर कारण इस किले का नाम नाहरगढ़ पड़ा । नाहरगढ़ किले पर कभी आक्रमण नही हुआ था, इस किले में केवल एक ऐतिहासिक घटना हुई वह राजस्थान और महाराष्ट्र के राजपूतो के बीच संधि थी ।
अक्सर जयपुर घराने को लेकर तरह तरह के सवाल जवाब कुछ लोग करते है, दरअसल यह वे लोग है, जो राजपुतो के इतिहास से चिढ़ते है। एक काल्पनिक चरित्र जोधा का नाम लेकर राजपूतो को नीचा दिखाने का प्रयास करते है , लेकिन जब जयपुर को देखते है , तो एक बार भी उनके मुँह से नही निकलता --- #वाह_राजपूत -#वाह_राजपूताना
जयपुर की कुछ खूबसूरत फ़ोटो भी अपलोड कर रहा हूँ ।
#ҡรɦαƭ૨เყα_૨αʝρµƭ







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