राजा दसरथ ... उनके समय मे उनके जोड़ का योद्धा 3 लोक में नही था । दसरथ साधरण मानव थे, जो राजपूत कुल में पैदा हुए । उन्ही के समय देवताओ तथा असुरो में संघर्ष छिड़ा था, उस युद्ध में देवराज इंद्र जैसे योद्धाओं ने भाग लिया था ।
लेकिन् देवताओ के बीच भी एक नाम ऐसा उभर कर आया, जिसने अपनी वीरता तथा पराक्रम से देवताओे को भी यह दिखा दिया कि क्षत्रिय धर्म क्या होता । दसरथ के रुद्रावतार के आगे इंद्र के वज्र की शक्ति भी फीकी पड़ गयी । असुरो पर विजय में दसरथ का बड़ा हाथ था । दसरथ ने अपनी तलवार से इतिहास नही , बल्कि पहाड़ो को काटकर भूगोल भी बदल लिया ।
कैकयी से विवाह उसी वीरता की निशानी है । कैकयी श्वेत ऋषिय प्रदेश ( सोवियत रूस ) की थी । भरत शत्रुधन जब ननिहाल जाते है, तो कुत्ते ओर हिरण की बर्फ पर सवारी का बर्णन आता है । यह बर्फ पर कुत्ते हिरण की सवारी केवल रूस में होती है, ओर आज भी होती है
ओर यही दसरथ !! अपने पुत्र के प्रेम में क्या से क्या हो गए थे ?? यह होता है पिता का प्रेम

Comments
Post a Comment