Jal Mahal, Jaipur
जल महल, जयपुर
"जल महल "शब्द का मतलब है "पानी का किला"
जल महल, राजस्थान राज्य के जयपुर शहर में स्थित है।
यह बिल्कुल मान सागर झील के मध्य में स्थित है।
यह 18 वीं सदी में आमेर के महाराजा जय सिंह द्वितीय के द्वारा बनवाया गया था।
यह राजपूत की वास्तुकला का एक बेहतरीन संयोजन है।
जलमहल राजस्थान (भारत) की राजधानी जयपुर के मानसागर झील के मध्य स्थित प्रसिद्ध ऐतिहासिक महल है। अरावली पहाडिय़ों के गर्भ में स्थित यह महल झील के बीचों बीच होने के कारण 'आई बॉल' भी कहा जाता है। इसे 'रोमांटिक महल' के नाम से भी जाना जाता था। जयसिंह द्वारा निर्मित यह महल मध्यकालीन महलों की तरह मेहराबों, बुर्जो, छतरियों एवं सीढीदार जीनों से युक्त दुमंजिला और वर्गाकार रूप में निर्मित भवन है। जलमहल अब पक्षी अभ्यारण के रूप में भी विकसित हो रहा है। यहाँ की नर्सरी में 1 लाख से अधिक वृक्ष लगे हैं जहाँ राजस्थान के सबसे ऊँचे पेड़ पाए जाते हैं।
जयपुर-आमेर मार्ग पर मानसागर झील के मध्य स्थित इस महल का निर्माण सवाई जयसिंह ने अश्वमेध यज्ञ के बाद अपनी रानियों और पंडित के साथ स्नान के लिए करवाया था। इस महल के निर्माण से पहले जयसिंह ने जयपुर की जलापूर्ति हेतु गर्भावती नदी पर बांध बनवाकर मानसागर झील का निर्माण करवाया।
इसका निर्माण १७९९ में हुआ था। इसके निर्माण के लिए राजपूत शैली से तैयार की गई नौकाओं की मदद ली गई थी। राजा इस महल को अपनी रानी के साथ ख़ास वक्त बिताने के लिए इस्तेमाल करते थे। वे इसका प्रयोग राजसी उत्सवों पर भी करते थे।
तपते रैगिस्तान के बीच बसे इस महल में गरमी नहीं लगती, क्योंकि इसके कई तल पानी के अंदर बनाए गए हैं। इस महल से पहाड़ और झील का ख़ूबसूरत नज़ारा भी देखा जा सकता है। चांदनी रात में झील के पानी में इस महल का नजारा बेहद आकर्षक होता है। जलमहल अब पक्षी अभ्यारण के रूप में भी विकसित हो रहा है। जल महल के नर्सरी में 1 लाख से ज्यादा वृक्ष लगे हुए हैं। दिन रात 40 माली पेड़ पौधों की देखभाल में लगे रहते हैं। यह नर्सरी राजस्थान का सबसे उंचे पेड़ों वाला नर्सरी है। यहां अरावली प्लांट, ऑरनामेंटल प्लांट, शर्ब, हेज और क्रिपर की हजारों विभिन्नताएँ मौजूद हैं। यहाँ के १५0 वर्ष पुराने पेड़ों को ट्रांसप्लांट कर नया जीवन दिया गया है। हर साल यहां डेट पाम, चाइना पाम और बुगनबेलिया जैसे शो प्लांट को ट्रांसप्लांट किया जाता है।
जलमहल एक प्रसिद्ध इतिहासिक महल है।Jal Mahal
यह महल राजस्थान की राजधानी जयपुर के मानसागर झील के मध्य में स्थित है।
इस महल को आई बोल भी कहा जाता है।
18 वीं शताब्दी में महराजा जय सिंह के द्वारा जलमहल का निर्माण करवाया गया।
इस महल का निर्माण लाल बलुआ पत्थर से हुआ है।
यह इमारत दो सदियों से भी ज्यादा पुरानी इमारत है।
जलमहल राजपूत शैली की वस्तुकला का एक बेहतरीन नमूना है।
इसका निर्माण प्राचीन समय में शाही परिवारों के आराम के लिए किया गया था।
जलमहल में जाने के लिए मानसागर झील में नौकाएं चलायी जाती हैं जिनके द्वारा पर्यटक जलमहल में प्रवेश करते हैं।
जलमहल चारों तरफ से पानी से घिरा हुआ महल है जिसके चारों तरफ की ख़ूबसूरती हर किसी का मन मोह लेती है।
हर वर्ष हजारों की संख्या में पर्यटक इस खूबसूरत जल महल के सुंदर नजारों को देखने के लिए आते हैं।
जलमहल में एक शानदार बाग़ बनाया गया जिसे चमेली बाग़ कहा जाता है।
यहां पर चीनी बुर्ज ,पीतली बुर्ज और शोभा बुर्ज और आनंद महल जैसी सुंदर इमारतें बनी हुई हैं।
यह एक पांच मंजिला इमारत है,जब झील (मान सागर) चारो तरफ पानी से भर जाती है तब इसकी चारो मंज़िले पानी में डूब जाती है और फिर सिर्फ इसकी शीर्ष मंजील दिखाई पड़ती है।
यहां से मान सागर झील और नाहरगढ़ हिल्स के चारो तरफ के नज़ारे बहुत आकर्षक नज़र आते है।
इसका निर्माण महल शाही परिवारों के खातिर एक पिकनिक स्पॉट के रूप में बनाया गया ।


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