यह अफगानिस्तान के गजनी का किला है ! इसी किले से राजपूत साम उर्फ सीरिया तक का शासन संभालते थे ! कहते है देवी का श्राप था, की हजारो वर्षो के लिए यह किला राजपूतो के हाथ से चला जायेगा !!
किन्तु साथ ही देवी का वरदान भी था, की फिर से राजपूतो के वंशज ही यहां दुबारा आएंगे, ओर अपना खोया मान सम्मान अधिकार वापस हासिल कर लेंगे ! इस किले का निर्माण महाराज गज ने करवाया था, उन्ही के नाम से इस नगर का नाम ' गजनी " पड़ा था !
अजयराज चौहान से लेकर विग्रहदेव, बप्पा रावल से लेकर पृथ्वीराज चौहान सभी ने इस किले को वापस पाने का बहुत प्रयास किया, बार बार वे सफल भी होते, लेकिन मुस्लिम बहुल जनसख्या होने की वजह से हाथ से यह किला निकल जाता !!
आज इस किले की हालत दयनीय है !! लेकिन किला है !! इतने बम धमाकों , ओर एक हजार वर्षों में इतने दंगे झेलने के बाद भी यह दुर्ग अस्तित्व में है, यह उस समय की कारीगिरी है !
भूलना नही चाहिए, की यह सब हमारा है, अपने अधिकार वापस पाने का प्रयास कभी रुकना नही चाहिए ! समय कब पलट जाए, ओर कब मौका हाथ मे आये यह तो नियति पर ही निर्भर करता है ।


Comments
Post a Comment