शायद भारत देश ही इकलौता ऐसा देश होगा |जहां के लोग एवं इतिहासकार विदेशी आक्रमण का दोष भारतीय राजाओं को देते हैं|
शायद भारत देश ही इकलौता ऐसा देश होगा |जहां के लोग एवं इतिहासकार विदेशी आक्रमण का दोष भारतीय राजाओं को देते हैं|
इस्लाम और ईसाई धर्म के उदय के बाद, इन दोनों ही धर्म के लोगों द्वारा दूसरे देशों पर आक्रमण के दौरान, उस देश की सभ्यता और संस्कृति को रौंद कर, उसका समूल नाश कर दिया गया और वर्तमान में उन सभ्यताओं के केवल अवशेष ही बचे हैं | जिन देशों पर इस्लाम और ईसाई धर्म के लोगों ने आक्रमण कर कब्जा किए हैं| उन सभ्यताओं के लोगों का कोई नामोनिशान भी नहीं मिलता है|
इस्लाम और ईसाई धर्म की क्रूरता देखने के बाद भी भारत के लोगों को, इन दोनों धर्म के आक्रमणकारी शासकों की क्रूरता नहीं दिखाई देती है | बल्कि भारत पर इन दोनों धर्मों के द्वारा अवैध आक्रमण के लिए भी, भारत के लोग एवं तथाकथित इतिहासकार, इसके लिए भी वह भारतीय राजाओं को ही दोषी ठहराते हैं, जोकि उनकी अज्ञानता, पूर्वाग्रह और क्षुद्र मानसिकता का परिचायक है|
भारत के लोगों को भारत के राजाओं और वीर योद्धाओं का एहसानमंद होना चाहिए कि भारतीय राजाओं और वीर योद्धाओं ने विदेशी धर्मों की आक्रमणकारी शक्तियों का सामना किया | विदेशी धर्मों के आक्रमण और कब्जे के बाद ,उस देश की सभ्यता और संस्कृति का बचना असंभव ही है|
यह भारतीय राजाओं की कूटनीति एवं भारतीय योद्धाओं के शौर्य का परिणाम है कि विदेशी धर्मों के आक्रमणकारियों के आक्रमण के पश्चात भी ,भारत की सभ्यता और संस्कृति ना तो नष्ट हुई और ना ही भारत के लोगों का विदेशी धर्मों में पूर्ण धर्मांतरण हो पाया|
https://www.rajputland.in/
#ҡรɦαƭ૨เყα_૨αʝρµƭ

Comments
Post a Comment