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शांति काल में वीरता का सर्वोच्च सम्मान है #अशोक_चक्र 🏅,और इस सम्मान को भी सबसे ज्यादा बार जीतने वाले #राजपूत है !!!


#शांति_काल में वीरता का सर्वोच्च सम्मान है #अशोक_चक्र 🏅,और इस सम्मान को भी सबसे ज्यादा बार जीतने वाले #राजपूत है !!!
total Ashok Chakra Recipients
Rajputs -15

1) Naik Neeraj Kumar Singh Raghav
2)Hav. Gajendra Singh Bisht
3) Lt.Treveni Singh
4) Naik Rambeer Singh Tomar
5)Lt Col Shanti Swaroop Rana
6)Capt.Arun Kumar Jasrotia
7)Lt.Col Harsh Uday Singh Gaur
8) Capt.Nirbhay Singh Sisodiya
9) Ummed Singh Mahra
10) Baijnath Singh Civilian( Madhyapradesh)
11) Matbar Singh Negi
12) Lakhan Singh ( Madhyapradesh )
13) Hukum Singh ( Madhyapradesh )
14)Govind Singh ( Madhypradesh )
15) Takhat Singh (Madhyapradesh)

शत् शत् नमन

#Tomar #Tanwar #Panwar #Parmar #Pawar #Solanki #Sisodia #Rana #Rajput #Chauhan #Thakur #Pratihar #Parihar #Rathore #Kachwaha #Shekhawat #Chandravanshi #Raghuvanshi #Yaduvanshi #Suryavanshi #Bhati #Jadeja #Jadaun #Pundir #Soam #Bundela #Rawat #Zala #Singh #Katoch #Chandel #Bhaduria #Bais #Gehlot #Hoda #Jhala #Saktawat #Rajawat #Ranawat #Choondawat #Porus #Chandela #Rawal #Sodha #Badgujar #Kshatriya #Rajputana #King #Gaharwar #Negi

#क्षत्रिय_राजपूत_Kshatriya_Rajput

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#__सुर्यवंशी___गहरवार___वंश 👈🙏🚩 #_गहरवार_क्षत्रीय_वंश सुदूर अतीत में #__सूर्यवंशी राजा मनु से संबन्धित हैं। #_अक्ष्वाकु के बाद #__रामचन्द्र के पुत्र "#_लव' से उनके वंशजो की परंपरा आगे बढ़ाई गई है और इसी में काशी के गहरवार शाखा के कर्त्तृराज को जोड़ा गया है।          लव से कर्त्तृराज तक के उत्तराधिकारियों में गगनसेन, कनकसेन, प्रद्युम्न आदि के नाम महत्वपूर्ण हैं। कर्त्तृराज का गहरवार होना घटना के आधार पर हैं जिसमें काशी मे ऊपर ग्रहों की बुरी दशा के निवारणार्थ उसके प्रयत्नों में "#__ग्रहनिवार' संज्ञा से वह पुकारा जाने लगा था।    कालांतर "ग्रहनिवार' का अपभृंश गहरवार बन गया। बनारस के राजाओं की अनेक समय तक  #__सूर्यवंशी सूर्य-कुलावंतस काशीश्वर पुकारा जाता रहा है। इनकी परंपरा इस प्रकार है - कर्त्तृराज, महिराज, मूर्धराज, उदयराज, गरुड़सेन, समरसेन, आनंदसेन, करनसेन, कुमारसेन, मोहनसेन, राजसेन, काशीराज, श्यामदेव, प्रह्मलाददेव, हम्मीरदेव, आसकरन, अभयकरन, जैतकरन, सोहनपाल और करनपाल। करनपाल के तीन पुत्र थे - वीर, हेमकरण और अरिब्रह्म। करनपाल ने हेम...

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